legal drafting

legal drafting complete details in hindi

LEGAL DRAFTING COMPLETE DETAILS

 

दोस्तों आज का टॉपिक लॉ स्टूडेंट्स और जूनियर एडवोकेट्स के लिए बहुत ही उपयोगी होगा क्युकी आज हम आपको बताएँगे की लीगल ड्राफ्टिंग क्या है और लीगल ड्राफ्टिंग स्वयं से कैसे सीख सकते है ?

दोस्तों कोर्ट में आर्ग्यूमेंट्स के साथ साथ अर्जी अर्थात ऍप्लिकेशन्स भी देनी होती है , कोर्ट में दी जाने वाली सभी ऍप्लिकेशन्स की ड्राफ्टिंग करनी होती है|

तो आखिर लीगल ड्राफ्टिंग क्या है ?


किसी अधिवक्ता द्वारा अपने क्लाइंट के पक्ष एवं केस से जुड़े तथ्य को न्यायलय , पुलिस या किसी अन्य के समक्ष एप्लीकेशन लिखित रूप में प्रस्तुत करने के लिए कानूनी भाषा में एक निर्धारित फॉर्मेट में लिखकर तैयार करना ही लीगल ड्राफ्टिंग कहलाता है।

लीगल ड्राफ्टिंग को एक उदाहरण के माध्यम से समझते है——-

 

मान लीजिये आप एक अधिवक्ता है , आपके पास कोई व्यक्ति आता है जिसका कोई सम्बन्धी या मित्र किसी कारन से जेल में बंद है। वह आपसे उस व्यक्ति को छुड़ाने के लिए कहता है तो आप अपने पास आये व्यक्ति से मामले की पूरी जानकारी लेते है उसके बाद जेल में बंद व्यक्ति को छुड़ाने के लिए कानूनी भाषा में लिखकर न्यायालय में देने हेतु एक एप्लीकेशन तैयार करते है। इस एप्लीकेशन को लिखकर तैयार करना ही लीगल ड्राफ्टिंग कहलाता है।
अर्थात इस एप्लीकेशन को तैयार करने की स्किल ही लीगल ड्राफ्टिंग कहलाती है।

दोस्तों बिना सफल लीगल ड्राफ्टिंग स्किल कोई भी अधिवक्ता सफल नहीं हो सकता है क्यों की लीगल ड्राफ्टिंग स्किल अधिवक्ता का महत्त्वपूर्ण हथियार और कोर्ट में प्रैक्टिस करने के लिए आवश्यक है।

अब बात करते है की नए लॉयर या अधिवक्ता लीगल ड्राफ्टिंग स्वयं से कैसे सीखे क्युकी कोई भी सीनियर आपको लीगल ड्राफ्टिंग नहीं सिखाता है ।

हम अपने अनुभव के आधार पर कह सकते है की यदि आपने हमारे द्वारा बताये जाने वाले कुछ नियमो को रेगुलर वे में फॉलो करेंगे तो आपको लीगल ड्राफ्टिंग सीखने से कोई नहीं रोक सकता है।

(1)  सबसे पहले आपके पास एक ऐसे लीगल डिक्शनरी होनी चाहिए जिसमे हिंदी , इंग्लिश और उर्दू तीनो भाषाओ में लीगल वर्ड्स होने चाहिए। लीगल डिक्शनरी की मदद से आपको डेली १० लीगल वर्ड्स को तीनो भाषाओ में याद करना होगा। तीनो भाषाओ की आवस्यकता इसलिए है क्युकी ड्राफ्टिंग में लगभग तीनो भाषाओ में लीगल वर्ड्स की आवस्यकता पड़ती है।

(2)  दूसरा आपको एक लीगल फोर्मट्स सैम्पल्स की बुक लेनी होगी , जिसमे अलग अलग टाइप के केसेस में उपयोग होने वाले फोर्मट्स होंगे। क्युकी हर प्रकार के केसेस में ड्राफ्टिंग का फॉर्मेट अलग अलग होता है। इसलिए आपको डेली एक ऐसे फॉर्मेट को अपनी डायरी में नॉट करना होगा , जिसकी जरूरत सबसे अधिक पड़ती है और उसे दिन में दो बार रिपीट करना होगा। इसके अतिरिक्त करप्स अर्थात दंड प्रक्रिया संहिता के Schedule 2 में दिए गए 56 फॉर्म्स जैसे सम्मन , वारंट , कुर्की आदि के फॉर्मेट को भी लिखकर समझना होगा।

अंत में कहना चाहूंगा कि आपका लगातार प्रयास ही आपको सफल बनाएगा|

 

 

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